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Monday, June 27, 2022
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    किसान प्रदर्शन पर जुबानी जंग हुई तेज, पार्टियों का एक-दूसरे पर पलटवार

    गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा और लाल किले में तोड़फोड़ पर अब सियासत भी तेज हो गई है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है. इस पर कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने लाल किला को अपवित्र किया है. वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने महाभारत के  ‘दुर्योधन’  का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है. बीजेपी कांग्रेस के अलावा जानिए और किस पार्टी ने क्या कहा है.

       बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है, ”जो शंका थी वो सही साबित हुई. किसान संगठन बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे कि अनुशासन रहेगा. हम जश्न में शामिल हो रहे हैं. यह जश्न था या गणतंत्र दिवस के दिन भारत पर हमला था? इन्होंने लाल किले को अपवित्र किया है. इस सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, ”उकसाने का काम तो किसान संगठन के नेताओं ने किया. किसान संगठन का हर नेता सिर्फ भड़काने में लगा हुआ था. अब जब ये घटना घट गई तब वे तरह-तरह का ज्ञान दे रहे हैं.”

       कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा है, ”महात्मा विदूर जैसे मंत्री, कृपाचार्य जैसे राजगुरू, द्रोणाचार्य जैसे महारथी और भीष्म जैसे मार्गदर्शक के रहते हुए भी हस्तिनापुर का सर्वनाश कैसे हो गया? क्योंकि दुर्योधन के अहंकार के सामने सब मौन रहे और इस मौन की कीमत सबको चुकानी पड़ी थी. सोचा याद दिला दूं. #Farmer” .गुजरात में कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने कहा-”बीजेपी किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जाएगी. गणतंत्र की परेड ख़त्म होती ही लाल किल्ले पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने दंगा किया और किसानों को बदनाम किया. बीजेपी अपने फ़ायदे के लिए किसी भी व्यक्ति, समाज, पार्टी और आंदोलन को बदनाम करने में किसी भी हद तक जा सकती है.”

      वही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा -”देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह नहीं होना चाहिए था. यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण और केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा -”साथ ही, बीएसपी की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे, आन्दोलन को खत्म करे. ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके.”

       सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ”बीजेपी सरकार ने जिस प्रकार किसानों को निरंतर उपेक्षित, अपमानित और आरोपित किया है, उसने किसानों के रोष को आक्रोश में बदलने में निर्णायक भूमिका निभायी है. अब जो हालात बने हैं, उनके लिए बीजेपी ही कसूरवार है. बीजेपी अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी मानते हुए कृषि-क़ानून तुरंत रद्द करे.”

      कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, ”कोई पंधेर, पन्नू और दीप सिद्धू हैं ये तीन लोग जिन्हें अभी तक पंजाब वालों ने चिन्हित किया है, जिन्होंने ये सारा कारनामा किया है. इनको बहुत बड़ी फंडिंग हुई है कि किसानों के आंदोलन को कैसे तबाह करना है. सरकार को ऐसे लोगों को कालकोठरियों में डाल देना चाहिए. गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हिंसक घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, लोकतंत्र मे हिंसा का कोई स्थान नहीं है. अहिंसा और शांति से हर समस्या का हल निकाला जा सकता है. किसानों और जवानों ने भारत को हमेशा गौरवान्वित किया है. केंद्र सरकार देश और किसान हित में तत्काल तीनों कृषि कानून वापिस ले.”

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