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Wednesday, June 29, 2022
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    यमुना प्रदूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जल शक्ति मंत्रालय को पार्टी बनाया

    दिल्ली: यमुना प्रदूषण मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान जल शक्ति मंत्रालय को भी पार्टी बनाया गया है. कोर्ट ने कहा प्रदूषण मुक्त जल एक मौलिक अधिकार है. और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि इसे सुनिश्चित करे. सुप्रीम कोर्ट ने जल शक्ति मंत्रालय को इस सन्दर्भ में नोटिस जारी कर जवाब माँगा.

    CJI एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने दिल्ली जल बोर्ड, फरीदाबाद नगरपालिका, प्रयागराज नगर निगम, आगरा नगर निगम और अलीगढ़ नगर निगम के साथ- साथ मंत्रालय को भी इसमें जवाबदेह माना है. नदियों के प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए पीठ ने केंद्र, सीबीसीबी और दिल्ली हरियाणा समेत पांच राज्यों को नोटिस जारी किया है. पीठ ने रजिस्ट्री प्रदूषित नदियों को बचने के लिए स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया है.

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    पीठ का कहना है, कि वो सबसे पहले यमुना के प्रदूषण का मुद्दा उठा रही है, जहाँ पर भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाए गए हैं उसके लिए पीठ ने सीपीसीबी को यमुना के किनारे वाली सभी नगरपालिकाओं को रिपोर्ट पेश करने को कहेगी.

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