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Tuesday, June 21, 2022
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    संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, महिलाएं मायके पक्ष को भी दे सकती अपनी संपत्ति

    दिल्ली : संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि एक विधवा महिला अपने मायके पक्ष के उत्तराधिकारियों को भी अब अपनी संपत्ति दे सकती है. हिंदू सक्सेशन एक्ट के तहत हिंदू विधवा महिला अपने पिता के पक्ष के लोगों को अजनबी नहीं समझा सकता है और वे उन्हें अपनी संपत्ति सौंप सकती है. सर्वोच्च न्यायलय ने ये फैसला गुड़गांव के एक परिवार के मामले में सुनाया. पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी.

    अदालत ने कहा कि मायके पक्ष के लोगों को महिला के परिवार का ही हिस्सा माना जाएगा. धारा 15(1)(d) का जिक्र करते हुए जस्टिस अशोक भूषण और आर सुभाष रेड्डी के बेंच ने कहा कि हिंदू महिला के पिता के उत्तराधिकारियों को महिला की संपत्ति में उत्तराधिकारियों के तौर पर शामिल किया गया है. 
    
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    दरअसल यह मामला गुड़गांव के बाजिदपुर तहसील के गढ़ी गांव का है. यहां गांव में बदलू के पास खेती की जमीन थी. बदलू की बाली राम और शेर सिंह दो संतानें थीं . 1953 में शेर सिंह की मौत हो जाने के बाद उनकी पत्नी जगनो ने अपने हिस्से की जमीन भाई के बेटों ने अदालत में सूट फाइल किया और 19 अगस्त 1991 में अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया. इसके बाद महिला के देवर के बच्चों ने इस बात का विरोध करते हुए अदालत का दरवाजा खटखाया था. देवर के बच्चों की तरफ से दायर याचिका में इस समझौते को रद्द करने की अपील की थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत और हाईकोर्ट के फैसले को सही माना है. उन्होंने कहा कि दोनों अदालतों ने इसी प्रावधान के तहत फैसला सुनाया है.

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