27 C
Guwahati
Tuesday, June 28, 2022
More

    “स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट” वाले बाम्बे HC के फैसले पर लगी रोक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- खतरनाक मिसाल बन सकता है यह फैसला

    दिल्ली (Delhi). पिछले दिनों बाम्बे हाईकोर्ट ने बच्चियों से छेड़छाड़ को लेकर एक अहम फैसला लिया. जिसमें उन्होंने कहा, बिना स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के नाबालिग को छूना यौन उत्पीड़न की श्रेणी में नहीं आएगा. बाम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अब रोक लगा दी है.

    जानकारी के मुताबिक Skin to Skin Contact फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रोक लगाते हुए हाईकोर्ट से विस्तृत जानकारी मांगी है. इस फैसले पर अटॉर्नी जनरल ने अदालत में सवाल उठाया. सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ने कहा कि बंबई उच्च न्यायालय के फैसले से बेहद खतरनाक मिसाल बन सकती है.

    गौरतलब है कि इस फैसले में हाईकोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया था. क्योंकि उसका पीड़ित बच्ची के साथ कोई सीधा शारीरिक संपर्क नहीं हुआ था. इस पर अटॉर्नी जनरल ने सवाल उठाते हुए इसे खतरनाक बताया था. जिसके बाद उच्चतम न्यायलय ने इस पर रोक लगाते हुए आरोपी को बरी करने पर भी रोक लगा दी है.

    क्या था मामला:
    दिसंबर 2016 के दौरान आरोपी सतीश नागपुर में लड़की को खाने का सामान देने के बहाने अपने घर ले गया. सतीश ने उसके ब्रेस्ट को पकड़ा और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश की. इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने 24 जनवरी को सुनवाई की. हाईकोर्ट की नागपुर बेंच की जज पुष्पा गनेडीवाला ने कहा था कि किसी भी छेड़छाड़ की घटना को यौन शोषण की श्रेणी में रखने के लिए घटना में ‘यौन इरादे से किया गया स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट’ होना चाहिए. उन्होंने कहा है कि नाबालिग को टटोलना, यौन शोषण की श्रेणी में नहीं आएगा. एक सेशन कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को यौन शोषण करने के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई थी. जिसे गनेडीवाला ने संशोधित किया.

    Published:

    Follow TIME8.IN on TWITTER, INSTAGRAM, FACEBOOK and on YOUTUBE to stay in the know with what’s happening in the world around you – in real time

    First published

    ट्रेंडिंग