27 C
Guwahati
Monday, June 27, 2022
More

    राजधानी बना निजी वाहनों का हब, एक हजार की आबादी पर 600 से ज्यादा वाहन

    दिल्ली: आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के मुताबिक वाहनों से निकलने वाला धुआं राजधानी दिल्ली की आबोहवा को खराब कर रहा है, लेकिन राजधानी दिल्ली निजी वाहनों का हब बनी हुई है. राजधानी में निजी वाहनों की संख्या दिल्ली में चलने वाले वाहनों का करीब 94.78 फ़ीसदी है.

    आर्थिक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 2015-16 के बाद 2019-20 में पहली बार वाहनों की वृद्धि दर में इजाफा हुआ है. 2015-16 में वाहनों की वृद्धि दर सबसे ज्यादा 9.94 दर्ज की गई थी. इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आई, लेकिन 2018-19 में आंकड़ा 3.69 फ़ीसदी पहुंच गया था. जिसके बाद अगले साल यह फिर से बढ़कर 4.40 फ़ीसदी पहुंच गया है.

    यहाँ भी पढ़ें: राजधानी दिल्ली में खुला देश का सबसे बड़ा किडनी डायलिसिस अस्पताल

    बता दें कि, प्रति एक हजार की आबादी पर दिल्ली में करीब 643 वाहन है. यही आंकड़ा 1 साल पहले 616 का था. यह संख्या बीते 15 सालों में दुगनी हो गई है. बता दें 2005-06 में प्रति हजार की आबादी पर वाहनों की संख्या 317 थी. आंकड़े बताते हैं कि, पिछले साल की तुलना में इस साल कार और जीप की खरीद में बढ़ोतरी होने के बाद भी कुल वाहनों में इसका प्रतिशत कम हुआ है. आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार दिल्ली निजी वाहनों के लिए हब बनी हुई है.

    रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों व दिल्ली की सड़कों वाले वाहनों की संख्या में फर्क है. इसकी वजह यह है कि, बड़ी संख्या में दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहन एनसीआर में चलते हैं. परिवहन विभाग इस दिशा में काम कर रहा है. जिसके बाद दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले वाहनों की सही संख्या का पता चल सकेगा और इससे योजना तैयार करने में मदद भी मिलेगी.

    Published:

    Follow TIME8.IN on TWITTER, INSTAGRAM, FACEBOOK and on YOUTUBE to stay in the know with what’s happening in the world around you – in real time

    First published

    ट्रेंडिंग