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Wednesday, June 29, 2022
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    दांतों के लिए मारे गए सैंकड़ो हाथी , आरटीआई रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    दिल्ली एनसीआर : इंसान के लालच की कोई सीमा नहीं है. इस अंधेपन में वह अपने पर्यावरण को नष्ट करने पर तुला हुआ है. महात्मा गांधी का एक कथन है कि भारत के पास प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन है परन्तु किसकी के लालच को पूरा करने के लिए नहीं. अब इस लालच का शिकार बेजुबान जीव भी होते आए है. देशभर में पिछले दस वर्षों में सैंकड़ों हाथियों को उनके दांतो के लिए मार दिया गया. वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो में लगाई गई, इस आरटीआई में समाजसेवी रंजन तोमर ने पूछा था कि पिछले दस वर्षों में कितने हाथियों के दांत ब्यूरो द्वारा बरामद किये गए और कितने शिकारियों को इसके लिए गिरफ्तार किया गया . इसके जवाब में ब्यूरो ने जवाब दिया है के कुल 509 ऐसे केस सामने आये हैं, जिनमें 957 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है.

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    हाथियों के मरने की सबसे ज़्यादा संख्या केरल में है , जहां ऐसे 101 केस सामने आए है . पिछले दस सालों में इन मामलों में 203 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया. उसके बाद तमिलनाडु में 68 केस आये और 163 गिरफ्तारियां हुई. पश्चिम बंगाल में 67 मामलों में 105 लोगों को गिरफ्तार किया गया. वहीं कर्नाटक में 57 मामलों में 81 शिकारी गिरफ्तार हुए. इसके बाद नंबर आता है ओडिशा का जो शिकारियों को गिरफ्तार करने में काफी आगे रहा जहाँ 56 मामलों में 160 गिरफ़्तारी हुई.

    देश की राजधानी दिल्ली तक में इस दौरान 6 मामलों में 10 गिरफ्तारियां हुई जबकि उत्तर प्रदेश में 22 मामलों में 15 गिरफ्तारियां हुई .गौरतलब यह भी है कि सबसे ज़्यादा मामले जहाँ 2010 में आये , जहां 96 केस थे. वहीं सबसे कम केस 2013 में रहे जब 33 केस आये. जलवायु परिवर्तन की एक मुख्य वजह है जानवरों का इस तरह होता शिकार, ऐसे में सरकारों को और कड़े कदम उठाने होंगे जिनसे यह रुक सकें.

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