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Monday, June 27, 2022
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    आंदोलन तेज करने की रणनीति में जुटे किसान, आज निकालेंगे कैंडल मार्च

    दिल्ली: गाजीपुर बॉर्डर पर किसान मोर्चा के सभी नेताओं ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की दोबारा मांग की है और मंच से यह भी ऐलान किया है कि 14 फरवरी को यानी आज देश भर में कैंडल मार्च निकालेंगे, 16 फरवरी को सर छोटू राम की जयंती पर समारोह मनाने और 18 फरवरी को दोपहर 12:00 बजे से 4:00 बजे तक रेलें रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि, यह आंदोलन जीविका बचाने की लड़ाई है। कृषि कानून को रद्द करवाने के लिए वह आखिरी सांस तक संघर्ष करते रहेंगे।

    कृषि कानून के विरोध में जहां किसान आंदोलन को तेज करने की रणनीति में जुटे हैं. वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली हिंसा और किसानों पर दर्ज मुकदमों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की और उनका कहना है कि, किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं. शनिवार को सिंघु बॉर्डर पर प्रेस वार्ता कर किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि जिन किसानों को पुलिस ने नोटिस दिए हैं, वे सीधे पेश नहीं हो सकते हैं. इसीलिए वे मोर्चे द्वारा गठित कानूनी सेल से संपर्क करें.

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    सेल के सदस्य कुलदीप सिंह ने कहा कि किसानों के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमों की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए और एक दूसरे नेता रविंद्र सिंह ने कहा कि किसानों पर लूट हत्या के प्रयास और डकैती जैसे संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि उनका हिंसा से कोई लेना-देना देना नहीं है. हर किसान की कानूनी मदद की जाएगी और मोर्चे ने ऐलान किया कि जेल में बंद हर किसान को कैंटीन खर्च के लिए ₹2000 की आर्थिक मदद दी जाएगी साथ ही किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है.

    भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का आंदोलन है. कर्नाटक और तमिलनाडु के किसान भी आंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं. गुजरात के किसान भी भाग लेना चाहते हैं, लेकिन उन्हें जेल में डाला जाता है. राकेश टिकैत ने कहा कि, सरकार को लग रहा है, कि गर्मियों के मौसम में किसान दिल्ली की सीमा को छोड़कर चले जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा. आने वाले दिनों में बॉर्डर पर टेंट की व्यवस्था की जाएगी और पंखे भी लगाए जाएंगे अगर प्रशासन ने बिजली की सुविधा नहीं दी तो जनरेटर से काम चलाएंगे.

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