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Sunday, June 26, 2022
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    डीएम ने सोशल मीडिया की नई गाइडलाइन पर पत्रकार को भेजा नोटिस, केन्द्र ने बनाया अतिक्रमण

    दिल्ली: (Delhi) केन्द्र सरकार की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफार्म को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस पर अब अधिकारों को लेकर बहस शुरू हो गई है. इसे लेकर मणिपुर के इंफाल के जिलाधिकारी ने एक पत्रकार को नोटिस भेजा है. इस कार्रवाई पर हस्तक्षेप करते हुए केन्द्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने नोटिस को अतिक्रमण करार दिया. केन्द्र की तरफ से कहा कि आपको कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है.

    दरअसल मणिपुर में इम्फाल वेस्ट के अधिकारी मोआराम प्रवीन ने नए नियमों के मद्देनजर पहला नोटिस सोशल मीडिया पर एक टॉक शो चलाने वाले पक्त्रकार को भेजा. ये शो करेंट अफेयर्स व न्यूज पर बेस्ड है और इसका प्रसारण सोशल मीडिया के जरिए किया गया. डीएम को शो के कुछ पाइंट्स पर आपत्ति थी. उनकी इस कार्रवाई को सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने अतिक्रमण बताया और जर्नलिस्ट को भेजा गया नोटिस वापस लिया गया. मंत्रालय की तरफ से साफ किया गया कि इस नए नियमों के तहत जिले के अधिकारियों को कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं दिया गया है.

    इस बारे में केन्द्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय के सेक्रेटरी अमित खरे ने मणिपुर के चीफ सेक्रेटरी को लेटर लिखा. इस लेटर में इम्फाल वेस्ट के DM नोआराम प्रवीन सिंह व सन्नासी नीनासी के प्रकाशक का जिक्र किया है. मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि जिलाधिकारी ने खन्नासी नीनासी के पब्लिशर से उन मानदंडों को साबित करने के लिए कहा था. जोकि वेब पत्रकारों के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ से तय किए गए हैं. जिलाधिकारी के नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पालना न करने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी.

    लेटर में खरे ने आगे कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट 2021 को सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट तहत 25 फरवरी को बनाया गया था. इन नियमों के मद्देनजर किसी राज्य सरकार के अधिकारियों को कोई कार्रवाई करने का अधिकार नहीं दिया गया है. नोटिस को तुरंत वापस लेना होगा. ये पूर्णत अतिक्रमण का केस है. इसके बाद पत्रकार को भेजे गए नोटिस को वापस लिया गया.  

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