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Thursday, October 6, 2022
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    मध्य प्रदेश में प्राथमिक परिवारों की सूची में शामिल होंगे किन्नर, कुष्ठ रोगी और भीख मांगने वाले

    भोपाल। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीएसडी) के तहत अन्य वंचित वर्ग, कुष्ठ रोगी और किन्नरों को भी 1 रुपये प्रति किलो की दर से गेहुं और चावल दिए जाएंगे।इससे पहले 2013-14 में आपदा पीड़ितों की सूची से अन्य वंचित वर्ग कुष्ठ रोगी और किन्नर के नाम को हटा दिया गया था।राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत चयनित प्राथमिकता परिवार की सूची में इन दो और श्रेणी को बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में निर्धारित विभाग ने कलेक्टरों को आदेश जारी कर दिए हैं।

    जानकारी के हिसाब से अब तक प्रदेश में 1 करोड़ 11 लाख प्राथमिकता परिवार की सूची में शामिल है। जिसके बाद अब अन्य वंचित वर्ग को शुरू की और किन्नर को भी इससे परिवार में शामिल किया गया है। वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के तहत इन समूहों को ₹1 प्रति किलो गेहूं और चावल उपलब्ध कराए जाएंगे।

    ये लोग होंगे शामिल

    बता दें कि नए आदेश के मुताबिक अन्य वंचित वर्षा भीख मांग कर भरण पोषण करने वाले सहित कचरा बीन रोटी रोजी कमाने वाले परिवारों को भी अब पीडीएस की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के सत्यापन के आधार पर कुष्ठ रोगियों को भी राशन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा पहचान पत्र लेने वाले किन्नर भी इसी योजना की पात्रता रखेंगे।

    40 फीसद से अधिक दिव्यांग वाले व्यक्ति को ही राशन

    वही शिवराज सरकार ने प्राकृतिक आपदा श्रेणी को पूरी तरह से समाप्त कर दिए हैं। 2013-14 में केवल प्राकृतिक आपदा प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता परिवार की श्रेणी में शामिल किया गया था, पर अब फसलों को प्राकृतिक आपदा से 50 से सदियों से अधिक नुकसान होने पर राशन का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा 40 फीसद से अधिक दिव्यांग वाले व्यक्ति को ही राशन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पहले पंजीकृत मंदबुद्धि और बहुविकलांग व्यक्तियों को राशन उपलब्ध कराए जाते थे। साथ ही घरेलू कामकाजी महिला श्रेणी में भी राज्य शासन की तरफ से संशोधन किए गए हैं।

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