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Friday, August 12, 2022
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    Dhar Breaking; मिलादून्नबी के मौके पर माहौल में तनाव, कोविड गाइडलाइन के नियमों का उल्लंघन

    धार ।देश की दूसरी अयोध्या कहे जाने वाले धार शहर में ईद मिलादून्नबी के जुलूस में अचानक अफरा तफरी मच गई। कोविड गाइड लाइन को तोड़ते हुए पींजार वाड़ी में मस्जिद के समीप भारी तादाद में लोग सड़कों पर आ गए और बेरिकेट व पुलिस को धकेलते हुए आगे बढ़ने लगे पुलिस के द्वारा अनियंत्रित भीड़ को रोकने की कोशिश की गई लेकिन भीड़ नही रुकी तो पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।

    ये है पूरा मामला

    धार शहर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में मंगलवार को अफरा तफरी मच गई । घटना रात करीब 10 बजे की है। जुलूस जब उटामद दरवाजे से गुजर रहा था तो जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने वहां के बैरिकेट्स हटा दिए और पुलिस को धक्का देते हुए प्रवेश निषेध वाले एरिया में घुसने की कोशिश करने लगे ।वहां तैनात पुलिस बल ने उनको रोका जिस पर लोगो नो हंगामा कर दिया जिसके बाद पुलिस को मजबूरी में लाठी चार्ज करना पड़ा। माहौल में अफरा तफरी मच गई जिसके बाद आस पास के इलाकों में भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने वैसे तो जल्द ही हालात पर काबू पा लिया था।आपको बता दे कि पहले तो यहां पर जुलूस निकालने की अनुमति नहीम थी पर कल शाम को प्रशासन द्वारा सीमित क्षेत्र में जुलूस निकालने की अनुमति दे दी थी।

    भीड़ को नियंत्रित करने के पश्चात पुनः जुलूस निकाला गया भारी तादाद में पुलिस बल व खुद पुलिस अधीक्षक आदित्यप्रताप सिंह पुलिस बल व प्रशासनिक अमले के साथ सड़क पर उतरे वही निर्धारित रुट से नही निकला जुलूस ।

    बाद में शांतिपूर्ण तरीके से निकला जुलूस

    पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि धार जिला मुख्यालय पर मंगलवार को सुबह करीब 10:30 बजे ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान अफरातफरी की स्थिति बनी गई थी। पुलिस व प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग के बजाए जब एक वर्ग के कुछ लोग परंपरागत मार्ग से जाने का दबाव बनाने लगे। इस पर इन लोगों को रोका। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी भी की। पुलिस ने तुरंत हालत संभाल लिए, इसके बाद में शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकलवाया गया। जुलूस के लिए मार्ग निर्धारित किया गया था। लेकिन जुलूस में शामिल लोगों ने उटावद दरवाजा क्षेत्र में आकर परंपरागत मार्ग से जुलूस निकालने की कोशिश की। इन लोगों को पुलिस द्वारा रोका गया। इसके बाद धार के मोहन टॉकीज क्षेत्र में भी अप्रिय स्थिति बनी। बाद में शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकाल लिया गया है। फिलहाल हम शरारती तत्वों को चिह्नित कर रहे हैं। इसमें प्रकरण दर्ज करके गिरफ्तारी की जाएगी।

    मध्य प्रदेश की अयोध्या है धार

    उत्तर प्रदेश की अयोध्या तो सब जानते हैं पर मध्य प्रदेश की अयोध्या के बारे कम लोग ही जानते हैं दरअसल धार को ही भारत दूसरी अयोध्या का नाम दिया गया है। जिस तरह यूपी की अयोध्या की राजजन्म भूमि पर हिंदू और मुस्लिम दोनों ही अपना हक जताते हैं, वैसे ही मध्यप्रदेश के धार में स्थित भोजशाला भी सदियों से विवादित रही है। साल में बस बयंत पंचमी को होती है पूजा की अनुमति।

    आजादी के पहले शुरु हुई नमाज और पूजा की व्यस्था

    आपको बता दें कि भोजशाल में नमाज और पूजा की व्यवस्था आजादी से पहले शुरू हुई थी। 1953 में धार स्टेट दरबार के दीवान नाडकर ने शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी थीं। लगभग 83 साल पहले जारी किए गए इस आदेश के बाद भोजशाला को कमाल मौला की मस्जिद बताते हुए शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद से ही यहां पर पूजा के साथ साथ नमाज भी अदा की जाने लगी।

    पूजा और नमाज को लेकर दोनों पक्षों में होते हैं विवाद

    इसके बाद लगभग 6 दशक तक धार में सबकुछ ठीक ठाक चलता रहा। लेकिन 1989 के बाद भोजशाला विवाद को अयोध्या आंदोलन के बाद हवा मिलने लगी। स्थिति ये हो गई कि दोनों समाज इस पर अपना हक जताने लगे। बीते दो दशक में कई बार यहां पर बसंत पंचमी के समय तनाव की स्थिति देखने को मिली। शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी होने के चलते दोनों पक्ष कई बार आमने सामने आए और शहर के हालात फसाद की ओर बढ़ते चले गए। 2003, 2006 और 2013 को बसंत पंचमी शुक्रवार को होने के कारण यहां पर जोरदार विवाद देखने को मिला। 2013 में भी पूजा और नमाज को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। हालात इतने बिगड़े कि शहर में पथराव, आगजनी और जमकर तोड़फोड़ की गई।

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